उत्तर प्रदेश में शिक्षकों एवं शिक्षा हित में किए गए प्रमुख कार्य
शिक्षकों, शिक्षाविदों, विद्यालय प्रबंधकों एवं शिक्षा संस्थानों के समग्र विकास के उद्देश्य से स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा, डिजिटल सुधार, भर्ती, अवसंरचना एवं सेवा शर्तों के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
1. ₹5 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा
माध्यमिक, बेसिक एवं उच्च शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवारों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा (Health Card) प्रदान की गई।
2. व्यवसायिक शिक्षकों का मानदेय बढ़ाया गया
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत व्यवसायिक शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि की गई।
3. शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को लाभ
मानदेय में वृद्धि के साथ-साथ ₹5 लाख तक का हेल्थ कार्ड प्रदान किया गया।
4. GPF ऋण की ऑनलाइन व्यवस्था
GPF ऋण भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गई।
5. मृतक आश्रितों को तृतीय श्रेणी नौकरी
स्नातक योग्य अभ्यर्थियों को तृतीय श्रेणी की नौकरी का प्रावधान किया गया।
6. समय पर बकाया भुगतान
सेवानिवृत्ति से पहले सभी देय भुगतान सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी किए गए।
7. प्रशासन योजना से मुक्ति
स्ववित्तपोषित विद्यालय अब अपनी प्रशासन योजना स्वयं संचालित कर सकते हैं।
8. पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा
अंशकालिक शब्द हटाकर शिक्षकों को पूर्णकालिक माना गया।
9. मुख्यमंत्री सम्मान
स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक भी मुख्यमंत्री सम्मान के पात्र बनाए गए।
10. CBSE मान्यता सरल
NOC की अनिवार्यता समाप्त कर आवेदन प्रक्रिया आसान बनाई गई।
11. प्राथमिक सेक्शन विस्तार
आवश्यकतानुसार अलग भवन में प्राथमिक सेक्शन संचालित करने की अनुमति।
12. NCR में CBSE मान्यता
निर्धारित मानकों के अनुसार नई मान्यता की सुविधा।
13. पुरानी पेंशन (OPS)
विषय विशेषज्ञों के लिए शासनादेश जारी।
14. तदर्थ शिक्षकों को राहत
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सेवा संकट का समाधान।
15. ऑनलाइन स्थानांतरण
प्राचार्य एवं प्रवक्ताओं के ट्रांसफर ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाए गए।
16. प्रोफेसर पदनाम
शासकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में प्रोफेसर पदनाम लागू।
17. लीज डीड पर मान्यता
अब विद्यालयों को बिना रजिस्ट्री केवल लीज डीड के आधार पर भी मान्यता मिलेगी।
18. अलंकार योजना
विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण हेतु ₹500 करोड़ की व्यवस्था।
19. बिना जांच FIR नहीं
विद्यालय घटनाओं में बिना जांच मुकदमा दर्ज न हो, ऐसी व्यवस्था।
20. द्विभाषी प्रश्नपत्र
UP बोर्ड हाईस्कूल प्रश्नपत्र हिंदी एवं अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में।
21. UDISE ऑनलाइन
कक्षा 1–8 का ऑनलाइन पंजीकरण।
22. ऑनलाइन मान्यता
नए विद्यालयों की पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया।
23. ऑनलाइन भुगतान
मूल्यांकन का भुगतान सीधे बैंक खाते में।
24. शैक्षिक कैलेंडर
समय पर परीक्षा एवं परिणाम।
25. परीक्षा पारिश्रमिक
मूल्यांकन एवं परीक्षा ड्यूटी का पारिश्रमिक बढ़ाया गया।
26. लगभग 2 लाख शिक्षकों की भर्ती
पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त चयन प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 2 लाख शिक्षकों एवं 500+ प्रधानाचार्यों की नियुक्ति।
27. नए शैक्षणिक संस्थान
252 हाईस्कूल/इंटर कॉलेज, 17 डिग्री कॉलेज, प्रत्येक मंडल में विश्वविद्यालय तथा 104 ब्लॉकों में बालिका छात्रावास।
28. संविदा शिक्षकों की नियुक्ति
बंद पड़े संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों का चयन।
29. आधुनिक पाठ्यक्रम
वास्तु, ज्योतिष एवं योग जैसे आधुनिक विषयों के डिप्लोमा कोर्स।
30. परिषद भवन निर्माण
संस्कृत माध्यमिक शिक्षा परिषद भवन हेतु ₹9 करोड़ स्वीकृत।
भविष्य के लिए निरंतर प्रयास
- विद्यालयों का उच्चीकरण एवं नई विषय मान्यता।
- स्कूल बस परमिट व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में कार्य।
- शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधकों के सुझावों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार।
₹5L
कैशलेस हेल्थ कार्ड
2 Lakh+
शिक्षक भर्ती
₹500 Cr
अलंकार योजना
Online
GPF, ट्रांसफर एवं मान्यता
OPS
विषय विशेषज्ञों हेतु
CBSE
सरल मान्यता प्रक्रिया